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Thursday, March 20, 2014

केजरीवाल की बनारस रैली, जाना है तो 1100 रु. दो

अरविंद केजरीवाल 25 मार्च को बनारस में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं, जहां वह औपचारिक रूप से बीजेपी के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के खिलाफ बनारस से लोकसभा का चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं। कुछ दिन पहले बेंगलुरु की रैली में केजरीवाल ने इसके संकेत देते हुए कहा था कि वह बनारस की जनता से पूछकर तय करेंगे कि उन्हें मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहिए या नहीं। उन्होंने देशभर के लोगों से बनारस की रैली में पहुंचने का आह्वान भी किया था।
दिल्ली से भी पार्टी के कई वॉलंटियर्स और समर्थकों ने रैली में जाने की इच्छा जताई, जिसे देखते हुए पार्टी दफ्तर में खास अरेंजमंट किया गया है। यहां एक हेल्प डेस्क लगाया गया है, जहां पर जाकर या फोन करके रैली में जाने के इच्छुक लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें जेब ढीली करनी पड़ेगी। रैली में जाने के लिए 1100 रुपये जमा करवाए जा रहे हैं, जिसमें बनारस आने-जाने का स्लीपर क्लास का टिकट और बनारस में रहने-खाने का इंतजाम शामिल होगा। हालांकि इसे लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं।

रैली के संबंध में पूछताछ करने के लिए तो हेल्प डेस्क वालों को रोज कई फोन आ रहे हैं, लेकिन जब लोगों को पता चल रहा है कि अगर सबके साथ जाना है, तो 1100 रुपये जमा करवाने पड़ेंगे, तो जवाब में हां करने वाले कम ही मिल रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब केजरीवाल ने बनारस के लोगों से पूछकर मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के बारे में फैसला करने का ऐलान किया था, तो फिर दिल्ली से लोगों को वहां क्यों ले जाया जा रहा है। यह भी सवाल उठ रहा है कि कर्नाटक में नरेंद्र मोदी की रैली के लिए 5 रुपये का टिकट रखने पर बीजेपी की कड़ी आलोचना करने वाली आम आदमी पार्टी अब रैली में चलने के लिए लोगों से 1100 रुपये क्यों ले रही है।
आप की सफाई, रैली के बहाने नहीं जुटा रहे फंड बनारस रैली के लिए दिल्ली से जाने वालों से 1100 रुपये लिए जाने के मामले में आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय ने साफ किया है कि यह अरेंजमंट पार्टी की तरफ से नहीं किया गया है। कार्यकर्ताओं ने खुद यह व्यवस्था की है, ताकि सब एकसाथ बिना किसी दिक्कत के बनारस आ-जा सकें। इसमें पार्टी का सीधा हस्तक्षेप नहीं है, जो लोग अलग से जाना चाहें, उनके लिए कोई मनाही नहीं है। इससे पहले फर्रुखाबाद की रैली में भी कार्यकर्ता इसी तरह पैसे इकट्ठे करने के बाद बसें बुक करा के गए थे। रैली के बहाने फंड नहीं जुटाया जा रहा है, बल्कि सारा पैसा आने-जाने और खाने-पीने व ठहरने के इंतजाम में ही खर्च किया जाएगा। जहां तक बाहरी लोगों के बनारस की रैली में जाने का सवाल है, तो गोपाल राय का कहना था कि तमाम बड़ी रैलियों में देशभर से लोग जाते हैं। यह कोई नई बात नहीं है और वैसे भी सारे लोग पार्टी समर्थक और कार्यकर्ता ही तो होंगे।

इधर हेल्प डेस्क पर मौजूद मंगत जी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने जब 23 तारीख को बनारस में रैली करने की घोषणा की थी, तो उसके बाद कई लोगों ने बनारस जाने की इच्छा जताई थी। हमने सोचा कि क्यों न ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे बनारस जाने के इच्छुक लोग एकसाथ बिना किसी दिक्कत के वहां जा सकें। उसी के तहत हमने यह सिस्टम बनाकर 18 मार्च से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू किया था। एक दिन में ही 30 लोगों ने रैली में जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया था, लेकिन जब रैली की तारीख बदलकर 25 मार्च हो गई, तो हमने उसी समय रजिस्ट्रेशन प्रोसेस रोक दिया। अब गुरुवार से नए सिरे से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू किया है, जिसके तहत अब तक 20 लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। जिन 30 लोगों ने पहले रजिस्ट्रेशन करवाया था, उनसे फोन करके पूछा जाएगा कि वो 23 के बजाय अब 25 तारीख को रैली में जा सकते हैं या नहीं। जो लोग नहीं जाएंगे, उनके पैसे लौटा दिए जाएंगे।

वॉलंटियर दीन दयाल शर्मा ने बताया कि यहां ज्यादातर दिल्ली के लोग ही रजिस्ट्रेशन करवाने आ रहे हैं, लेकिन अगर कोई दिल्ली के बाहर से आता है, तो उसे मना नहीं किया जाएगा। वॉलंटियर्स को ले जाने के लिए ट्रेन में स्पेशल बोगियां लगवाई जाएंगी। इसके लिए मंगलवार को रेलवे अधिकारियों को ऐप्लिकेशन दे दी गई है। 24 तारीख तक जितने लोग रजिस्ट्रेशन करवाएंगे, उनकी तादाद के हिसाब से ट्रेन में एक्स्ट्रा बोगियां लगाई जाएंगी। रेलवे अधिकारी यह बताएंगे कि किस ट्रेन में ये बोगियां लगाई जाएंगी और उसी ट्रेन से हमें जाना होगा। यहां से कार्यकर्ता 24 तारीख को बनारस के लिए निकलेंगे और दिन में रैली अटैंड करने के बाद 25 तारीख की शाम या रात को ही वहां से वापस चल देंगे।